द मीडिया टाइम्स डेस्क
पटना, 6 मई : भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों और सेवा शर्तों से जुड़े मुद्दों को लेकर आंदोलन तेज कर दिया है। ऑल इंडिया स्टेट बैंक ऑफ इंडिया स्टाफ फेडरेशन ने बैंक प्रबंधन पर कर्मचारियों की समस्याओं की अनदेखी और एकपक्षीय निर्णय लेने का आरोप लगाते हुए 25 और 26 मई 2026 को देशव्यापी दो दिवसीय हड़ताल की घोषणा की है।
फेडरेशन का कहना है कि एसबीआई में वर्षों से कर्मचारियों और प्रबंधन के बीच द्विपक्षीय व्यवस्था के तहत सेवा शर्तों और नीतियों पर सहमति बनती रही है, लेकिन हाल के समय में यह व्यवस्था प्रभावी तरीके से काम नहीं कर रही है। कर्मचारी संगठनों का आरोप है कि बैंक प्रबंधन कर्मचारियों की मांगों पर गंभीरता नहीं दिखा रहा और बिना सहमति के कई फैसले लिए जा रहे हैं।
यूनियन नेताओं के अनुसार कर्मचारियों की कई महत्वपूर्ण मांगें लंबे समय से लंबित हैं। इनमें संदेशवाहकों और सशस्त्र गार्ड की भर्ती, राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) से जुड़े कर्मचारियों को पेंशन फंड मैनेजर बदलने का विकल्प, वर्ष 2019 से कार्यरत कर्मचारियों के लिए अंतर-सर्किल स्थानांतरण नीति लागू करना, स्थायी नौकरियों की आउटसोर्सिंग बंद करना और शाखाओं में पर्याप्त स्टाफ की नियुक्ति प्रमुख मांगों में शामिल हैं।
इसके अलावा कर्मचारी संगठन कैरियर प्रगति योजना की समीक्षा, सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पेंशन में संशोधन, चिकित्सा प्रतिपूर्ति योजना में सुधार और एचआरएमएस से संबंधित तकनीकी समस्याओं के त्वरित समाधान की भी मांग कर रहे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि इन मुद्दों को लेकर कई बार बैंक प्रबंधन से बातचीत की गई, लेकिन अब तक संतोषजनक समाधान नहीं निकला है।
हड़ताल की घोषणा के बाद 4 मई से ही एसबीआई कर्मचारी यूनियन के सदस्य विरोध कार्यक्रम चला रहे हैं। विभिन्न शाखाओं और कार्यालयों में कर्मचारी काला बिल्ला लगाकर काम कर रहे हैं। इसके साथ ही कई जगहों पर धरना और प्रदर्शन भी आयोजित किए जा रहे हैं। यूनियन नेताओं ने कहा है कि यदि मांगों पर जल्द सकारात्मक पहल नहीं हुई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
फेडरेशन ने देशभर के कर्मचारियों से एकजुट होकर हड़ताल को सफल बनाने की अपील की है। वहीं बैंक ग्राहकों को भी 25 और 26 मई को बैंकिंग सेवाओं में संभावित बाधा का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में आम लोगों को आवश्यक बैंकिंग कार्य पहले ही निपटाने की सलाह दी जा रही है।




