महाराष्ट्र के स्कूल शिक्षा विभाग ने आदेश जारी किया है कि राज्य के सभी निजी प्री-प्राइमरी स्कूल (जैसे नर्सरी, एलकेजी, यूकेजी, जूनियर/सीनियर केजी) को अब सरकारी पोर्टल पर पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा।
यह आदेश राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP) और राज्य फाउंडेशन स्टेज पाठ्यक्रम (SCFFS) के तहत लिया गया है, ताकि 3 से 8 वर्ष की आयु के बच्चों की शिक्षा को सुदृढ़ किया जा सके।
सरकार ने एक ऑनलाइन पोर्टल (SARAL पोर्टल) लॉन्च किया है, जिस पर सभी संस्थानों को 7 दिनों के भीतर पंजीकरण करना था।अब तक 17,542 निजी प्री-प्राइमरी संस्थानों ने इस पोर्टल पर अपना पंजीकरण कराया है।पंजीकरण के दौरान संस्थानों को:इस कदम का उद्देश्य राज्य भर में प्री-प्राइमरी शिक्षा को संगठित करना और गुणवत्ता सुनिश्चित करना है।छात्रों और स्टाफ की संख्या आदि की जानकारी देनी होती है।
है आदेश?
महाराष्ट्र के स्कूल शिक्षा विभाग ने राज्य के सभी निजी प्री-प्राइमरी शिक्षण संस्थानों (जैसे नर्सरी, एलकेजी, यूकेजी, जूनियर/सीनियर केजी) के लिए सरकारी पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य कर दिया
इसका उद्देश्य है राज्य में बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा को व्यवस्थित करना और सभी स्कूलों की निगरानी सुनिश्चित करना।
आदेश अप्रैल 2025 के अंत में जारी किया गया था।
सभी स्कूलों को आदेश मिलने के 7 दिनों के भीतर पंजीकरण करना था।यह कदम राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 और राज्य फाउंडेशन स्टेज पाठ्यक्रम (SCFFS) के अनुसार लिया गया है।यह नियम 3 से 8 साल के बच्चों की शिक्षा को बेहतर बनाने पर केंद्रित है।
अब तक 17,542 निजी प्री-प्राइमरी स्कूलों ने पोर्टल पर अपना पंजीकरण कर लिया है।


