चाईबासा: 29 जनवरी ,झारखंड के स्वास्थ्य विभाग द्वारा कराई गई विस्तृत जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि चाईबासा सदर अस्पताल के ब्लड बैंक से एचआईवी संक्रमित रक्त दिए जाने का आरोप निराधार है। जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि एक ही परिवार के तीन सदस्यों में एचआईवी संक्रमण का स्रोत ब्लड बैंक नहीं था। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
झारखंड में स्वास्थ्य सेवाओं के निदेशक-प्रमुख डॉ. सिद्धार्थ सान्याल ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि इस मामले की गंभीरता को देखते हुए विभाग ने दो सदस्यीय विशेषज्ञ टीम गठित की थी। टीम ने उन आरोपों की गहन जांच की, जिनमें दावा किया गया था कि एक महिला, उसके पति और उनके बड़े बच्चे को चाईबासा सदर अस्पताल से प्राप्त रक्त चढ़ाने के बाद एचआईवी संक्रमण हुआ।
डॉ. सान्याल के अनुसार, जांच के दौरान ब्लड बैंक की पूरी प्रक्रिया, रक्त संग्रह, परीक्षण, भंडारण और वितरण से जुड़े रिकॉर्ड की बारीकी से समीक्षा की गई। इसके अलावा संबंधित कर्मचारियों से पूछताछ और तकनीकी जांच भी की गई। सभी पहलुओं के अध्ययन के बाद टीम इस निष्कर्ष पर पहुंची कि ब्लड बैंक से जारी किया गया रक्त पूरी तरह सुरक्षित था और उसमें किसी प्रकार की लापरवाही नहीं पाई गई।
उन्होंने कहा कि ब्लड बैंक में रक्त देने से पहले सभी अनिवार्य जांचें राष्ट्रीय मानकों के अनुसार की जाती हैं। एचआईवी, हेपेटाइटिस बी और सी सहित अन्य संक्रमणों की स्क्रीनिंग के बाद ही रक्त उपलब्ध कराया जाता है। जांच में यह भी सामने आया कि जिस समय संबंधित परिवार को रक्त दिया गया था, उस समय ब्लड बैंक की सभी जांच रिपोर्ट नकारात्मक थीं।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, परिवार में एचआईवी संक्रमण के अन्य संभावित कारणों की भी जांच की जा रही है, ताकि वास्तविक स्रोत का पता लगाया जा सके। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी तरह की अफवाह या गलत जानकारी से लोगों में भय फैल सकता है, जिससे रक्तदान जैसी महत्वपूर्ण सेवा प्रभावित होती है।
इस बीच, स्वास्थ्य विभाग ने आम जनता से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और सरकारी ब्लड बैंकों पर भरोसा बनाए रखें। अधिकारियों ने कहा कि रक्त सुरक्षा को लेकर विभाग पूरी तरह सतर्क है और भविष्य में भी ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए सख्त निगरानी जारी रहेगी।
इस मामले में ब्लड बैंक को ‘क्लीन चिट’ मिलने से अस्पताल प्रशासन और स्वास्थ्य कर्मियों ने राहत की सांस ली है, जबकि विभाग ने पारदर्शिता बनाए रखने के अपने संकल्प को दोहराया है।




