प्रमुख उद्योगपति बाबा काल्याणी और उनकी बहन सुगंधा हिरेमठ के बीच उनकी माता सुलोचना काल्याणी की समाधि को लेकर विवाद गहराता जा रहा है।
बाबा काल्याणी, जो भारत फोर्ज के चेयरमैन हैं, और उनकी बहन सुगंधा हिरेमठ के बीच उनकी मां सुलोचना काल्याणी की समाधि को लेकर विवाद सामने आया है। यह मामला अब पुणे सिविल कोर्ट में पहुंच गया है और 2 अप्रैल को इसकी सुनवाई निर्धारित की गई है।
यह पारिवारिक विवाद क्यों शुरू हुआ है, इस पर अभी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन यह स्पष्ट है कि दोनों पक्ष अपने-अपने दावे को लेकर कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं।
प्रमुख उद्योगपति बाबा काल्याणी और उनकी बहन सुगंधा हिरेमठ के बीच उनकी माता सुलोचना काल्याणी की समाधि को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। सुगंधा ने पुणे सिविल कोर्ट में अपने भाई बाबा काल्याणी के खिलाफ मामला दायर किया है, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया है कि बाबा ने उन्हें गुमराह किया है।
सुगंधा का दावा है कि बाबा काल्याणी ने पहले सुझाव दिया था कि समाधि पार्वती निवास पर बनाई जाए, लेकिन बाद में उन्होंने परिवार के गुरु से परामर्श करने की बात कही। निर्धारित बैठक में बाबा की अनुपस्थिति के कारण विवाद और बढ़ गया।
इस विवाद के अलावा, काल्याणी परिवार में संपत्ति के बंटवारे को लेकर भी कानूनी संघर्ष चल रहा है। सुगंधा ने बाबा और गौरीशंकर के खिलाफ संपत्ति बंटवारे का मुकदमा दाखिल किया है, जिसमें उन्होंने परिवार की संपत्ति में अपने हिस्से की मांग की है।
बाबा काल्याणी के प्रवक्ता ने सुगंधा के आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि यह मामला अदालत के दायरे से बाहर का है और धार्मिक अनुष्ठानों से संबंधित है। इस मामले की अगली सुनवाई 2 अप्रैल को होगी।



