द मीडिया टाइम्स डेस्क
पटना, 11 मई | बिहार में अब आम लोगों को छोटी-छोटी समस्याओं के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोमवार को राजधानी पटना के संवाद भवन में “सहयोग हेल्पलाइन 1100” और “सहयोग पोर्टल” की शुरुआत की। सरकार की इस नई व्यवस्था के तहत अब लोग घर बैठे बिजली, पानी, सड़क, राशन, पेंशन, जमीन विवाद और सरकारी योजनाओं से जुड़ी शिकायत दर्ज करा सकेंगे। सरकार ने दावा किया है कि हर शिकायत का समाधान 30 दिनों के भीतर करना अनिवार्य होगा।
कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव समेत कई वरिष्ठ अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। सरकार इस पहल को प्रशासनिक जवाबदेही और पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम मान रही है।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा, *“सरकार का उद्देश्य लोगों की समस्याओं का समय पर समाधान करना है। अब आम नागरिकों को दफ्तर-दफ्तर भटकने की जरूरत नहीं होगी। तकनीक के जरिए शिकायतों का समाधान आसान और पारदर्शी बनाया जा रहा है।”*
लंबे समय से लोगों की शिकायत रही है कि छोटे-छोटे कामों के लिए भी उन्हें ब्लॉक, अंचल और जिला कार्यालयों के कई चक्कर लगाने पड़ते थे। कई मामलों में आवेदन देने के बाद भी कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाती थी। इसी समस्या को देखते हुए सरकार ने शिकायत प्रक्रिया को डिजिटल और ट्रैकिंग आधारित बनाने का फैसला लिया है।
सहयोग पोर्टल के जरिए कोई भी व्यक्ति ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर सकेगा। शिकायत दर्ज होने के बाद आवेदक को एक यूनिक रजिस्ट्रेशन नंबर मिलेगा, जिसके माध्यम से वह अपनी शिकायत की स्थिति ऑनलाइन देख सकेगा। पोर्टल पर यह भी जानकारी उपलब्ध रहेगी कि शिकायत किस विभाग में लंबित है और किस स्तर पर कार्रवाई चल रही है।
जो लोग इंटरनेट का उपयोग नहीं कर सकते, उनके लिए सरकार ने हेल्पलाइन नंबर 1100 शुरू किया है। यह हेल्पलाइन रोज सुबह 8 बजे से शाम 8 बजे तक काम करेगी। कॉल सेंटर के कर्मचारी शिकायत दर्ज कर संबंधित विभाग तक पहुंचाएंगे। इसके बाद शिकायतकर्ता को शिकायत संख्या और आगे की प्रक्रिया की जानकारी दी जाएगी।
सरकार का कहना है कि गांव और दूरदराज क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को इस नई व्यवस्था से सबसे अधिक फायदा मिलेगा। अब उन्हें छोटी समस्याओं के लिए जिला मुख्यालय तक नहीं जाना पड़ेगा। फोन कॉल के जरिए भी शिकायत दर्ज कराई जा सकेगी, जिससे बुजुर्गों, महिलाओं और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
नई व्यवस्था की सबसे महत्वपूर्ण बात शिकायत समाधान की तय समयसीमा है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि हर शिकायत का निपटारा 30 दिनों के भीतर करना जरूरी होगा। यदि तय समय में समाधान नहीं होता है, तो संबंधित विभागों की जवाबदेही तय की जाएगी। शिकायत के समाधान के बाद आवेदक को इसकी सूचना भी दी जाएगी।
सरकार ने हर महीने के पहले और तीसरे मंगलवार को राज्य के विभिन्न इलाकों में “सहयोग शिविर” लगाने की भी घोषणा की है। इन शिविरों में लोग सीधे अधिकारियों के सामने अपनी समस्या रख सकेंगे और मौके पर समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा।
सरकार का मानना है कि इस नई व्यवस्था से प्रशासन और आम जनता के बीच दूरी कम होगी तथा शिकायतों के समाधान की प्रक्रिया पहले से ज्यादा तेज और पारदर्शी बनेगी।




