पटना, 9 मई | राजधानी पटना के ज्ञान भवन में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में शनिवार को ट्रैफिक ई-चालानों और अन्य लंबित मामलों के निपटारे के लिए विशेष व्यवस्था की गई। लोक अदालत में पुराने ई-चालानों को कम जुर्माने की राशि पर निपटाने का मौका मिलने से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे और अपने लंबित मामलों का समाधान कराया।
राष्ट्रीय लोक अदालत का उद्घाटन न्यायमूर्ति संगम कुमार साहू ने किया। इस दौरान ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन से जुड़े मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया गया। बिना हेलमेट बाइक चलाना, सीट बेल्ट नहीं पहनना, रेड लाइट जंप करना, बिना लाइसेंस वाहन चलाना, बिना इंश्योरेंस और ओवरस्पीडिंग जैसे मामलों में लोगों को राहत दी गई। कई मामलों में चालान की आधी राशि जमा कर निपटारा करने की सुविधा भी दी गई।
यातायात विभाग के अधिकारियों ने बताया कि 90 दिनों से लंबित पड़े ई-चालानों को विशेष प्राथमिकता दी गई। लोक अदालत के जरिए लोगों को कोर्ट-कचहरी के लंबे चक्कर से राहत मिली और मौके पर ही मामलों का समाधान किया गया। बिहार पुलिस और ट्रैफिक विभाग की ओर से पहले ही लोगों से अपील की गई थी कि वे लोक अदालत में पहुंचकर अपने लंबित चालानों का निपटारा कराएं।
ज्ञान भवन परिसर में सुबह से ही लोगों की भीड़ देखने को मिली। कई वाहन चालकों ने कहा कि कम जुर्माने और आसान प्रक्रिया के कारण उन्हें काफी राहत मिली। अधिकारियों का मानना है कि इस तरह के अभियान से न केवल लंबित मामलों का बोझ कम होगा, बल्कि लोगों में ट्रैफिक नियमों के प्रति जागरूकता भी बढ़ेगी।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे यातायात नियमों का पालन करें, हेलमेट और सीट बेल्ट का इस्तेमाल करें तथा समय पर ई-चालान का भुगतान करें, ताकि सड़क हादसों को रोका जा सके और सुरक्षित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित हो सके।




