महाराष्ट्र सरकार ने पार्थ पवार से जुड़े 1800 करोड़ रुपये के जमीन घोटाले की उच्चस्तरीय जांच शुरू की है। प्रारंभिक रिपोर्ट में गंभीर अनियमितताओं का खुलासा हुआ है, जिसके बाद राज्य सरकार ने पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं।
पुणे की इस विवादित संपत्ति डील में सरकारी जमीन को कथित तौर पर बाजार मूल्य से कहीं कम कीमत पर बेचे जाने के आरोप हैं। जांच अधिकारियों के मुताबिक, जमीन की वास्तविक कीमत करीब 1800 करोड़ रुपये थी, लेकिन सौदा मात्र 300 करोड़ में किया गया।
सरकार अब इस डील से हुए संभावित राजस्व नुकसान की भरपाई और जिम्मेदार अधिकारियों एवं निजी पक्षों की भूमिका की जांच पर जोर दे रही है। बताया जा रहा है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद मामले में राजनीतिक हलचल तेज हो सकती है, क्योंकि यह डील उपमुख्यमंत्री अजित पवार के बेटे पार्थ पवार से जुड़ी बताई जा रही है।
सूत्रों का कहना है कि यदि जांच में अनियमितता साबित होती है, तो कई बड़े नामों पर कानूनी कार्रवाई की संभावना है।


