नई दिल्ली, 9 मई : बहुचर्चित IRCTC घोटाले मामले में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) प्रमुख लालू प्रसाद यादव और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव को शुक्रवार को फिलहाल राहत मिल गई। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में इस मामले की सुनवाई हुई, जहां आरोप तय किए जाने पर फैसला होना था। हालांकि अदालत ने आदेश सुरक्षित रखते हुए अगली सुनवाई की तारीख 22 मई तय कर दी है।
इस मामले में लालू प्रसाद यादव, तेजस्वी यादव, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी समेत अन्य आरोपी भी कोर्ट पहुंचे थे। सुनवाई के दौरान सीबीआई की ओर से मामले में अपनी दलीलें रखी गईं, जबकि आरोपियों के वकीलों ने भी अदालत के सामने अपना पक्ष रखा। कोर्ट को आज यह तय करना था कि आरोपियों पर औपचारिक रूप से आरोप तय किए जाएं या नहीं, लेकिन अब इस पर फैसला 22 मई को सुनाया जाएगा।
IRCTC घोटाला मामला उस समय का है जब लालू प्रसाद यादव रेल मंत्री थे। आरोप है कि रेलवे के दो होटलों के संचालन का ठेका देने में अनियमितता हुई और इसके बदले कथित तौर पर जमीन ली गई। सीबीआई का दावा है कि इस प्रक्रिया में नियमों का उल्लंघन किया गया और कुछ निजी कंपनियों को फायदा पहुंचाया गया।
मामले में लालू परिवार लगातार आरोपों से इनकार करता रहा है। आरजेडी नेताओं का कहना है कि यह मामला राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित है, जबकि जांच एजेंसियों का कहना है कि उनके पास पर्याप्त सबूत हैं।
राउज एवेन्यू कोर्ट में सुनवाई के दौरान सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही। अदालत परिसर के बाहर आरजेडी समर्थकों की भी भीड़ देखने को मिली। अब इस मामले में सबकी नजर 22 मई पर टिकी है, जब अदालत आरोप गठन को लेकर अपना अहम फैसला सुनाएगी।




