नई दिल्ली, पूर्व मुख्यमंत्री और झारखंड के वरिष्ठ नेता अर्जुन मुंडा ने आम बजट 2026-27 पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे देश और आम नागरिकों के लिए दूरदर्शी बताया। उन्होंने कहा कि यह बजट केवल खर्च का दस्तावेज़ नहीं है, बल्कि विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया आर्थिक विज़न है।
मुंडा ने कहा कि बजट में गाँव, गरीब, किसान, मजदूर और आम नागरिक की जरूरतों को केंद्र में रखा गया है। रोजगार सृजन को प्राथमिकता देते हुए नए अवसर और स्रोत विकसित करने की घोषणा की गई है। उनका कहना है कि यह कदम देश को आत्मनिर्भर और सक्षम बनाने में मदद करेगा।
पूर्व मुख्यमंत्री ने शिक्षा क्षेत्र में बजट के प्रावधानों की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि नए स्कूलों, बेहतर लैब सुविधाओं और गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक ढांचे पर जोर देकर आने वाली पीढ़ी को आधुनिक और व्यावहारिक शिक्षा उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा, स्वास्थ्य क्षेत्र में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और आम आदमी तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुँचाने के लिए बजट में ठोस प्रावधान किए गए हैं।
मुंडा ने कहा कि बजट आम आदमी के हित में तैयार किया गया है और वर्तमान की जरूरतों के साथ-साथ भविष्य की तैयारी को भी ध्यान में रखता है। उन्होंने इसे देश के सभी नागरिकों को जोड़ने वाला बजट करार दिया और कहा कि यह बजट 2047 में विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
पूर्व मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की दूरदर्शिता की भी तारीफ की। उनका कहना है कि बजट में दी गई घोषणाएं और निवेश के प्रावधान देश की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करेंगे और दीर्घकालीन विकास को सुनिश्चित करेंगे।
मुंडा ने यह भी जोर दिया कि बजट में सामाजिक सुरक्षा, ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया गया है। उनका मानना है कि यह बजट आम जनता के हितों की सुरक्षा करते हुए देश को विकास की नई दिशा देगा।
कुल मिलाकर, अर्जुन मुंडा ने बजट को एक ऐसा दस्तावेज़ बताया जो न केवल वर्तमान की आवश्यकताओं को पूरा करता है बल्कि भविष्य की योजनाओं और भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की तैयारी का भी मार्गदर्शन करता है।




