बक्सर जिले के एनएच-922 पर रविवार को एक भीषण सड़क हादसे में एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसा उस समय हुआ जब कार में सवार चार लोग बक्सर की ओर आ रहे थे। जैसे ही कार चंदा गांव के पास पहुंची, तभी सामने से आ रहे एक तेज रफ्तार अज्ञात ट्रक ने जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और आसपास अफरा-तफरी मच गई।
घटना के बाद स्थानीय लोग और पुलिस मौके पर पहुंचे और चारों घायलों को तुरंत सदर अस्पताल बक्सर ले जाया गया। चिकित्सकों ने सभी को मृत घोषित कर दिया। मृतकों की पहचान एसएसबी जवान सुजीत कुमार पाण्डेय, ओमकार पाण्डेय, गिरजा देवी और मंजू देवी के रूप में हुई है। सभी मृतक स्वर्गीय चितरंजन पाण्डेय के परिवार से संबंधित थे। इसमें दो पुरुष और दो महिलाएं शामिल थीं, जिनमें दो भाई और दो बहनें थीं।
पुलिस ने बताया कि कार चालक ने ट्रक को समय रहते नहीं देखा, जिससे यह भीषण हादसा हुआ। दुर्घटना के बाद ट्रक चालक भाग गया और पुलिस उसे पकड़ने के लिए तलाश अभियान चला रही है। स्थानीय लोगों ने बताया कि सड़क पर गति अधिक होने के कारण हादसे की संभावना बढ़ जाती है।
स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने सड़क सुरक्षा उपायों पर पुनर्विचार करने का संकेत दिया है। प्रशासन ने दुर्घटना स्थल का मुआयना कर सड़क पर आवश्यक चेतावनी संकेत और नियंत्रण उपाय लगाने की तैयारी शुरू कर दी है।
परिवार के अन्य सदस्यों और गांववासियों में मातम छा गया है। मृतकों के अंतिम संस्कार की तैयारियां की जा रही हैं और पुलिस पूरे परिवार को हर संभव सहायता मुहैया करा रही है। घटना ने स्थानीय समुदाय में सड़क सुरक्षा के महत्व पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि एनएच-922 जैसी हाईवे पर दुर्घटनाओं की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए चालक और वाहन दोनों के लिए सुरक्षा उपाय आवश्यक हैं। गति नियंत्रित करने, सड़क पर चेतावनी संकेत लगाने और नियमित वाहन जांच जैसे कदम दुर्घटनाओं को कम करने में मदद कर सकते हैं।
बक्सर हादसे ने एक ही परिवार के चार सदस्यों की जान ले ली, जिससे इलाके में गहरा शोक और सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। पुलिस ने आगे की जांच तेज कर दी है और ट्रक चालक की पहचान कर उसे पकड़ने का प्रयास जारी है।




