द मीडिया टाइम्स डेस्क
पटना, 12 मई। बिहार में किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे और पारदर्शी तरीके से पहुंचाने के उद्देश्य से मंगलवार को फार्मर रजिस्ट्री के दूसरे चरण की शुरुआत की गई। राज्य के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कृषि भवन के सभागार से पटना जिले के फुलवारीशरीफ प्रखंड में इस अभियान की औपचारिक शुरुआत की। इस दौरान पाँच किसानों—लछमिनिया देवी, सुनील कुमार सिंह, रामप्रवेश सिंह, अजय कुमार और उदय कुमार—को फार्मर आईडी वितरित की गई।
कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा, “यह बिहार के कृषि क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक और गर्व का क्षण है। एग्री स्टैक के माध्यम से सरकार और किसानों के बीच सीधा और पारदर्शी संबंध स्थापित किया जा रहा है। इससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त होगी और किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे उनके बैंक खातों में मिलेगा।”
उन्होंने कहा, “फार्मर आईडी सिर्फ एक नंबर नहीं, बल्कि किसान की डिजिटल पहचान है। इसके जरिए किसानों को खाद, बीज, कृषि ऋण और फसल सहायता जैसी सुविधाएं बिना किसी परेशानी के मिल सकेंगी। यह व्यवस्था किसानों को उनकी जमीन और उत्पादन पर बेहतर अधिकार सुनिश्चित करेगी।”
कृषि मंत्री ने बताया कि बिहार में कुल 4 करोड़ 54 लाख जमाबंदियां दर्ज हैं। कृषि विभाग के पोर्टल पर अब तक 88 लाख 40 हजार किसानों का ई-केवाईसी पूरा किया जा चुका है। इनमें से 47 लाख 85 हजार किसानों की फार्मर आईडी बनाई जा चुकी है, जबकि 40 लाख 54 हजार किसानों की फार्मर आईडी अभी बननी बाकी है।
उन्होंने कहा, “राज्य सरकार का संकल्प है कि बिहार का कोई भी किसान इस डिजिटल डेटाबेस से बाहर न रहे। पहले चरण में 47 लाख 85 हजार से अधिक किसानों का सफल पंजीकरण कर बिहार ने देश में मिसाल कायम की है। इस उपलब्धि के लिए भारत सरकार से बिहार को 269 करोड़ 88 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि भी मिली है।”
कार्यक्रम में बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने कहा, “इस डिजिटल प्लेटफॉर्म का उद्देश्य पारदर्शिता बढ़ाना है, ताकि किसानों को सरकारी योजनाओं के लिए कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। फार्मर आईडी बनने के बाद किसानों को खेती से जुड़ी जरूरी जानकारी रियल टाइम में मिलेगी और भूमि से जुड़े कार्यों की प्रक्रिया भी आसान होगी।”
कृषि विभाग के प्रधान सचिव नर्मदेश्वर लाल ने किसानों से अपील करते हुए कहा, “किसान जल्द से जल्द अपनी फार्मर आईडी बनवाएं, ताकि वे कृषि विभाग की सभी योजनाओं का लाभ आसानी से ले सकें। जिस तरह यूपीआई ने डिजिटल भुगतान व्यवस्था में बड़ा बदलाव लाया, उसी तरह फार्मर रजिस्ट्री कृषि क्षेत्र में भी बड़ा परिवर्तन लाएगी।”
इस कार्यक्रम में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव जय सिंह, कृषि विभाग के विशेष सचिव बीरेन्द्र प्रसाद यादव, कृषि निदेशक सौरभ सुमन यादव, निदेशक उद्यान अभिषेक कुमार सहित विभाग के कई अधिकारी, कर्मचारी और किसान मौजूद रहे।




