Ad
vv
LIVE
Thu, 20 Aug 2026
--°
Loading...
India

इस तानाशाही कृत्य पर मेरी अंतरात्मा ने बगावत कर दी: देव आनंद ने कहा था

1975 में देश में लगे आपातकाल ने न केवल राजनीति और आम नागरिकों की स्वतंत्रता को प्रभावित किया, बल्कि कला और संस्कृति की दुनिया में भी गहरा असर डाला। हिंदी…

Jun 25, 2025
2 min read
इस तानाशाही कृत्य पर मेरी अंतरात्मा ने बगावत कर दी: देव आनंद ने कहा था

Photo: The Media Times / Representative Image

T
The Media Times.Live
The Media Times

1975 में देश में लगे आपातकाल ने न केवल राजनीति और आम नागरिकों की स्वतंत्रता को प्रभावित किया, बल्कि कला और संस्कृति की दुनिया में भी गहरा असर डाला। हिंदी सिनेमा के महान अभिनेता देव आनंद इस तानाशाही दौर के मुखर विरोधियों में से एक थे। अपनी आत्मकथा ‘रोमांसिंग विद लाइफ’ में उन्होंने लिखा कि कैसे उनकी अंतरात्मा ने उस समय के अन्याय के खिलाफ आवाज उठाई।

देव आनंद ने बताया कि उन्होंने युवा कांग्रेस और विशेष रूप से संजय गांधी की नीतियों का खुलकर विरोध किया था। उनका यह विरोध तब और मुखर हुआ जब संजय गांधी का हस्तक्षेप फिल्म इंडस्ट्री में बढ़ने लगा। देव साहब ने इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के खिलाफ बताया और बिना किसी भय के आवाज उठाई। इसका परिणाम यह हुआ कि सरकार ने उनकी फिल्मों को टेलीविजन पर दिखाने पर रोक लगा दी और सरकारी मीडिया में उनका नाम तक लेने पर प्रतिबंध लगा दिया गया।

फिर भी, देव आनंद अपने विचारों पर अडिग रहे। उन्होंने कहा था, “इस तानाशाही कृत्य पर मेरी अंतरात्मा ने बगावत कर दी।” यह बयान न केवल उनकी साहसिक सोच को दर्शाता है, बल्कि यह भी सिद्ध करता है कि वे केवल अभिनेता ही नहीं, बल्कि एक सच्चे विचारशील नागरिक भी थे।

उनकी यह भूमिका आज के दौर में भी प्रासंगिक है, जब अभिव्यक्ति की आज़ादी पर सवाल उठते हैं। देव आनंद का यह अध्याय हमें सिखाता है कि सच्चा कलाकार वही है जो अपने समय की सच्चाई से आंखें न चुराए, भले ही उसकी कीमत उसे अपनी लोकप्रियता से चुकानी पड़े।

RECOMMENDED FOR YOU

Podcast

The Media Times Daily — a 10-minute audio brief.

Hosted by our senior editors, every weekday morning.

Listen now
Video

Explainers, ground reports and long-form documentaries.

Original programming produced by The Media Times.Live studios.

Watch on YouTube