Ad
vv
LIVE
Thu, 20 Aug 2026
--°
Loading...
Entertainment

दोनों फिल्मों के बीच नाम की समानता के बावजूद कहानी और भावनात्मक टोन काफी अलग है..आमिर खान

द मीडिया टाइम्स डेस्क  आमिर खान की नई फिल्म ‘सितारे ज़मीन पर’ का नाम ही दर्शकों को उनकी 2007 की हिट फिल्म ‘तारे ज़मीन पर’ की याद दिलाता है। लेकिन…

May 7, 2025
2 min read
दोनों फिल्मों के बीच नाम की समानता के बावजूद कहानी और भावनात्मक टोन काफी अलग है..आमिर खान

Photo: The Media Times / Representative Image

T
The Media Times.Live
The Media Times

द मीडिया टाइम्स डेस्क 

आमिर खान की नई फिल्म ‘सितारे ज़मीन पर’ का नाम ही दर्शकों को उनकी 2007 की हिट फिल्म ‘तारे ज़मीन पर’ की याद दिलाता है। लेकिन खुद आमिर खान ने इस बारे में स्पष्टीकरण दिया है कि दोनों फिल्मों के बीच नाम की समानता के बावजूद कहानी और भावनात्मक टोन काफी अलग है।

आमिर खान ने बताया कि इस फिल्म में उनका किरदार एक पूरी तरह से अलग शेड में है। ‘तारे ज़मीन पर’ में वह एक संवेदनशील और सहानुभूतिपूर्ण शिक्षक की भूमिका में थे, जो एक डिस्लेक्सिक बच्चे की मदद करता है। वहीं ‘सितारे ज़मीन पर’ में उनका किरदार कहीं ज्यादा मनोरंजक और हास्यप्रधान है। उन्होंने कहा कि इस फिल्म में कॉमेडी और मस्ती का पुट ज़्यादा है, जबकि ‘तारे ज़मीन पर’ भावनात्मक रूप से गहरी और गंभीर फिल्म आमिर ने बताया कि जहां ‘तारे ज़मीन पर’ एक बच्चे की तकलीफों और उसके नजरिए को दर्शाती थी, वहीं ‘सितारे ज़मीन पर’ एक एंटरटेनिंग और फील-गुड फिल्म है जिसमें 9 बच्चों की कहानी दिखाई गई है। यह फिल्म बच्चों को जीवन में कुछ कर दिखाने के लिए प्रेरित करती है, लेकिन यह ज्यादा हल्की-फुल्की और हंसाने वाली शैली में बनी है।

आमिर खान की नई फिल्म ‘सितारे ज़मीन पर’ का नाम ही दर्शकों को उनकी 2007 की हिट फिल्म ‘तारे ज़मीन पर’ की याद दिलाता है। लेकिन खुद आमिर खान ने इस बारे में स्पष्टीकरण दिया है कि दोनों फिल्मों

के बीच नाम की समानता के बावजूद कहानी और भावनात्मक टोन काफी अलग है।

आमिर खान ने बताया कि इस फिल्म में उनका किरदार एक पूरी तरह से अलग शेड में है। ‘तारे ज़मीन पर’ में वह एक संवेदनशील और सहानुभूतिपूर्ण शिक्षक की भूमिका में थे, जो एक डिस्लेक्सिक बच्चे की मदद करता है। वहीं ‘सितारे ज़मीन पर’ में उनका किरदार कहीं ज्यादा मनोरंजक और हास्यप्रधान है। उन्होंने कहा कि इस फिल्म में कॉमेडी और मस्ती का पुट ज़्यादा है, जबकि ‘तारे ज़मीन पर’ भावनात्मक रूप से गहरी और गंभीर फिल्म थी।

आमिर ने बताया कि जहां ‘तारे ज़मीन पर’ एक बच्चे की तकलीफों और उसके नजरिए को दर्शाती थी, वहीं ‘सितारे ज़मीन पर’ एक एंटरटेनिंग और फील-गुड फिल्म है जिसमें 9 बच्चों की कहानी दिखाई गई है। यह फिल्म बच्चों को जीवन में कुछ कर दिखाने के लिए प्रेरित करती है, लेकिन यह ज्यादा हल्की-फुल्की और हंसाने वाली शैली में बनी

है।

RECOMMENDED FOR YOU

Podcast

The Media Times Daily — a 10-minute audio brief.

Hosted by our senior editors, every weekday morning.

Listen now
Video

Explainers, ground reports and long-form documentaries.

Original programming produced by The Media Times.Live studios.

Watch on YouTube