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Bihar

बिहार में हवाई कनेक्टिविटी को मिलेगी नई उड़ान, 15 हवाई अड्डों के विकास की तैयारी शुरू

पटना। बिहार सरकार ने राज्य में हवाई संपर्क को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। राज्य के विभिन्न हिस्सों में हवाई सेवाओं का विस्तार करने के लिए…

Feb 5, 2026
3 min read
बिहार में हवाई कनेक्टिविटी को मिलेगी नई उड़ान, 15 हवाई अड्डों के विकास की तैयारी शुरू

Photo: The Media Times / Representative Image

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पटना। बिहार सरकार ने राज्य में हवाई संपर्क को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। राज्य के विभिन्न हिस्सों में हवाई सेवाओं का विस्तार करने के लिए 15 हवाई अड्डों के विकास की योजना पर काम शुरू कर दिया गया है। इसके तहत भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) से इन हवाई अड्डों की व्यवहार्यता (फिजिबिलिटी) रिपोर्ट तैयार कराई जा रही है। रिपोर्ट मिलते ही जमीन पर निर्माण और विस्तार से जुड़े कार्य शुरू किए जाएंगे।

सरकार का उद्देश्य केवल बड़े शहरों तक हवाई सेवा को सीमित रखना नहीं है, बल्कि उन क्षेत्रों को भी उड़ान नेटवर्क से जोड़ना है, जहां अब तक विमान सेवा उपलब्ध नहीं थी। इसी क्रम में मधुबनी, वीरपुर, मुंगेर, वाल्मीकिनगर, भागलपुर और सहरसा जैसे शहरों में 19-सीटर विमानों के परिचालन की संभावनाओं का अध्ययन कराया जा रहा है। इस व्यवहार्यता अध्ययन के लिए AAI को 2.43 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है।

छोटे शहरों पर विशेष फोकस
मोतिहारी और छपरा जैसे शहरों के लिए अलग से व्यवहार्यता अध्ययन कराया जा रहा है, जिस पर 1.21 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। वहीं, बेगूसराय के उलाव और गोपालगंज के सबेया सैन्य हवाई अड्डे को नागरिक उड़ानों के लिए उपयोग में लाने की संभावनाओं का भी अध्ययन किया जा रहा है। इससे सीमावर्ती और औद्योगिक क्षेत्रों को सीधा हवाई संपर्क मिल सकता है।

सुरक्षा सर्वे पर जोर
हवाई अड्डों के विकास में सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। भागलपुर के सुल्तानगंज, वीरपुर, मुंगेर, वाल्मीकिनगर, मुजफ्फरपुर और सहरसा में ऑब्स्टेकल लिमिटेशन सरफेस (OLS) सर्वे के लिए 2.90 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। इस सर्वे के जरिए उड़ान मार्ग में आने वाली संभावित बाधाओं की पहचान की जाएगी, जिससे सुरक्षित परिचालन सुनिश्चित हो सके।

दरभंगा बनेगा लॉजिस्टिक और कार्गो हब
दरभंगा एयरपोर्ट को यात्री सेवाओं के साथ-साथ लॉजिस्टिक और कार्गो हब के रूप में विकसित करने की योजना है। यहां 50 एकड़ भूमि पर लॉजिस्टिक पार्क और कार्गो हब विकसित किया जाएगा, जिसके लिए 138 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। वहीं सहरसा एयरपोर्ट में रनवे विस्तार के लिए 12 एकड़ अतिरिक्त भूमि पर 147 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।

ग्रीनफील्ड और नए एयरपोर्ट की योजनाएं
भागलपुर के सुल्तानगंज में ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के लिए 931 करोड़ रुपये की लागत से भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है। इसके अलावा सोनपुर में 4228 एकड़ भूमि पर नए हवाई अड्डे के विकास की योजना है। रक्सौल और बिहटा एयरपोर्ट के विस्तार के लिए भी आवश्यक राशि उपलब्ध कराई जा चुकी है।

रोजगार और निवेश को मिलेगी गति
राज्य सरकार का मानना है कि इन परियोजनाओं से न सिर्फ हवाई यात्रा आसान होगी, बल्कि पर्यटन, व्यापार और औद्योगिक निवेश को भी बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, हवाई अड्डों के निर्माण और संचालन से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। सरकार को उम्मीद है कि मजबूत हवाई कनेक्टिविटी से बिहार की आर्थिक और सामाजिक तस्वीर आने वाले वर्षों में तेजी से बदलेगी।

 

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