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भारत की सीमाई ताकत में बड़ा इजाफा: चीन बॉर्डर के पास न्योमा एयरबेस हुआ संचालन में वायुसेना प्रमुख ने भरी पहली उड़ान

लद्दाख़ में भारत की सामरिक शक्ति को मजबूत करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। भारतीय वायुसेना (IAF) ने चीन सीमा से महज 25 किलोमीटर की दूरी…

Nov 13, 2025
2 min read
भारत की सीमाई ताकत में बड़ा इजाफा: चीन बॉर्डर के पास न्योमा एयरबेस हुआ संचालन में वायुसेना प्रमुख ने भरी पहली उड़ान

Photo: The Media Times / Representative Image

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लद्दाख़ में भारत की सामरिक शक्ति को मजबूत करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। भारतीय वायुसेना (IAF) ने चीन सीमा से महज 25 किलोमीटर की दूरी पर स्थित न्योमा एयरबेस (Nyoma Airbase) को आधिकारिक रूप से संचालन में ला दिया है। इस मौके पर वायुसेना प्रमुख ने खुद C-130J सुपर हरक्यूलिस विमान से इस एयरबेस पर लैंडिंग कर इतिहास रच दिया।

13,000 फीट की ऊंचाई पर बना है एयरबेस

यह एयरबेस समुद्र तल से करीब 13,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। इतनी ऊंचाई पर किसी हवाई पट्टी का संचालन अपने आप में एक बड़ी तकनीकी और रणनीतिक उपलब्धि मानी जाती है। इससे लद्दाख़ क्षेत्र में भारत की निगरानी क्षमता, आपातकालीन प्रतिक्रिया और हवाई संचालन की ताकत में भारी इजाफा होगा।

चीन सीमा से सिर्फ 25 किलोमीटर की दूरी

न्योमा एयरबेस की सबसे खास बात यह है कि यह लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (LAC) से सिर्फ 25 किलोमीटर दूर है। यह वही क्षेत्र है जहां पिछले कुछ वर्षों में भारत और चीन के बीच तनाव की स्थितियां बनी रही हैं। ऐसे में इस एयरबेस का संचालन भारत की रणनीतिक तैयारी को और मजबूत बनाता है।

भारतीय वायुसेना की क्षमता में बढ़ोतरी

वायुसेना अधिकारियों के मुताबिक, न्योमा एयरबेस पर अब C-130J, C-17 ग्लोबमास्टर जैसे बड़े सैन्य विमान भी उतर सकेंगे। इससे न सिर्फ सैनिकों की तैनाती में तेजी आएगी, बल्कि ज़रूरत पड़ने पर भारी उपकरण और सामग्री भी जल्द से जल्द पहुंचाई जा सकेगी।

लद्दाख़ में सुरक्षा का नया अध्याय

लद्दाख़ में पहले से ही दारबुक और थोइसे जैसे एयरबेस संचालित हैं, लेकिन न्योमा एयरबेस इनके मुकाबले चीन सीमा के कहीं अधिक निकट है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह एयरबेस भारत की ‘फॉरवर्ड ऑपरेटिंग स्ट्रैटेजी’ का अहम हिस्सा है, जिससे पूर्वी लद्दाख़ में किसी भी आपात स्थिति में भारत की प्रतिक्रिया समय में भारी कमी आएगी।

प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्रालय की बड़ी योजना का हिस्सा

न्योमा एयरबेस का निर्माण और संचालन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्रालय की सामरिक इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजना का हिस्सा है। इसका उद्देश्य सीमावर्ती इलाकों में सड़क, पुल और हवाई अड्डों के ज़रिए सुरक्षा तैयारियों को बेहतर करना है।

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न्योमा एयरबेस का संचालन भारत की वायुसेना और रक्षा तंत्र के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। यह न सिर्फ लद्दाख़ में भारत की उपस्थिति को और मजबूत करेगा, बल्कि सीमा पार से आने वाले किसी भी खतरे के प्रति भारत की जवाबदेही क्षमता को भी नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा।

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