Ad
vv
LIVE
Thu, 20 Aug 2026
--°
Loading...
Maharashtra

आईआईटी बॉम्बे के छात्र ने हॉस्टल की छत से कूदकर की आत्महत्या, कैंपस में शोक की लहर

मुंबई: (4 फरवरी) देश के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों में शामिल भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) बॉम्बे से एक दुखद खबर सामने आई है। आईआईटी बॉम्बे के एक 21 वर्षीय छात्र…

Feb 4, 2026
2 min read
आईआईटी बॉम्बे के छात्र ने हॉस्टल की छत से कूदकर की आत्महत्या, कैंपस में शोक की लहर

Photo: The Media Times / Representative Image

T
The Media Times.Live
The Media Times

 

मुंबई: (4 फरवरी) देश के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों में शामिल भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) बॉम्बे से एक दुखद खबर सामने आई है। आईआईटी बॉम्बे के एक 21 वर्षीय छात्र ने कथित तौर पर हॉस्टल की छत से कूदकर आत्महत्या कर ली। यह घटना बुधवार तड़के करीब 1 बजे मुंबई के पवई इलाके में स्थित आईआईटी बॉम्बे परिसर के एक हॉस्टल में हुई।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मृतक छात्र संस्थान में स्नातक पाठ्यक्रम का विद्यार्थी था और हॉस्टल में रह रहा था। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि छात्र ने देर रात हॉस्टल की छत से छलांग लगाई, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पवई पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया।

फिलहाल आत्महत्या के पीछे के कारणों का पता नहीं चल पाया है। पुलिस ने आकस्मिक मृत्यु का मामला दर्ज कर लिया है और छात्र के दोस्तों, सहपाठियों और हॉस्टल के कर्मचारियों से पूछताछ की जा रही है। साथ ही, यह भी जांच की जा रही है कि छात्र किसी प्रकार के मानसिक दबाव, शैक्षणिक तनाव या व्यक्तिगत समस्याओं से गुजर रहा था या नहीं।

इस घटना के बाद आईआईटी बॉम्बे परिसर में शोक का माहौल है। छात्र समुदाय और फैकल्टी सदस्यों में गहरी संवेदना देखी जा रही है। संस्थान प्रशासन ने छात्र की मृत्यु पर दुख व्यक्त करते हुए कहा है कि वे इस कठिन समय में परिवार के साथ खड़े हैं। प्रशासन ने यह भी बताया कि छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य के लिए काउंसलिंग और सहायता सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

पिछले कुछ वर्षों में देश के विभिन्न उच्च शिक्षण संस्थानों में छात्रों द्वारा आत्महत्या के मामलों ने गंभीर चिंता पैदा की है। विशेषज्ञों का कहना है कि शैक्षणिक प्रतिस्पर्धा, भविष्य की अनिश्चितता और व्यक्तिगत दबाव छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकते हैं। ऐसे में संस्थानों और समाज दोनों की जिम्मेदारी बनती है कि वे छात्रों को भावनात्मक और मानसिक सहयोग प्रदान करें।

यदि कोई छात्र या व्यक्ति मानसिक तनाव या अवसाद से जूझ रहा है, तो विशेषज्ञों से बात करना और मदद लेना बेहद जरूरी है। समय पर सहयोग और संवाद कई जीवन बचा सकता है

 

RECOMMENDED FOR YOU

"हम अधिकारी बनना चाहते हैं, बस हमें एक शिक्षक दे दो..." छोटी लड़कियों का वीडियो उनकी मांग को पूरा करता है

"हम अधिकारी बनना चाहते हैं, बस हमें एक शिक्षक दे दो..." छोटी लड़कियों का वीडियो उनकी मांग को पूरा करता है

बीड के हिवरपहाड़ी स्कूल के छात्रों ने शिक्षकों की कमी के कारण एक बोतल को माइक्रोफोन के रूप में उपयोग करके एक वीडियो बनाया था और एक शिक्षक की अपील की थी।

The Media Times.Live News Desk
मुंबईकरों के लिए राहत? प्रस्तावित जल कटौती रद्द हो सकती है, मेयर ने दिया अपडेट

मुंबईकरों के लिए राहत? प्रस्तावित जल कटौती रद्द हो सकती है, मेयर ने दिया अपडेट

मुंबई की मेयर रितु तावड़े ने संकेत दिया है कि प्रस्तावित जल आपूर्ति कटौती रद्द की जा सकती है, अंतिम आधिकारिक घोषणा अभी भी प्रतीक्षित है

The Media Times.Live News Desk
मनोज जारांगे पाटिल का बड़ा दावा, कहा- 'जिसे मैंने दोस्त माना वह दुश्मन निकला'

मनोज जारांगे पाटिल का बड़ा दावा, कहा- 'जिसे मैंने दोस्त माना वह दुश्मन निकला'

मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता का दावा है कि उन्हें राजनीतिक और सामाजिक रूप से अलग-थलग करने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन उन्होंने उस व्यक्ति का नाम नहीं बताया जिसका वह जिक्र कर रहे हैं।

The Media Times.Live News Desk
Podcast

The Media Times Daily — a 10-minute audio brief.

Hosted by our senior editors, every weekday morning.

Listen now
Video

Explainers, ground reports and long-form documentaries.

Original programming produced by The Media Times.Live studios.

Watch on YouTube