खड़कवासला डैम से जलप्रवाह बढ़ा, भारी बारिश के चलते 25,696 क्यूसेक पानी छोड़ा गया
नदी किनारे बसे नागरिकों और प्रतिष्ठानों को सतर्क रहने की अपील
पुणे: लगातार हो रही भारी बारिश के कारण खड़कवासला बांध से जलस्तर में तेज़ी से वृद्धि हुई है। इसके चलते डैम प्रशासन ने मंगलवार को 25,696 क्यूसेक पानी मुठा नदी में छोड़ा। जलप्रवाह में इस वृद्धि को देखते हुए नदी किनारे बसे नागरिकों, व्यापारिक प्रतिष्ठानों और किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
प्रशासन का कहना है कि जलाशयों में पानी की आवक लगातार बनी हुई है और सुरक्षा के लिहाज़ से यह निर्णय लिया गया है। पुणे नगर निगम (PMC) और जिला प्रशासन की टीमें निगरानी रख रही हैं, और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं।
नागरिकों से अनुरोध किया गया है कि वे नदी के किनारे जाने से बचें, बच्चों को नदी क्षेत्र से दूर रखें और किसी भी अप्रत्याशित स्थिति में प्रशासन को तुरंत सूचित करें।
पुणे जिले में हो रही भारी बारिश के चलते खड़कवासला बांध का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। जलभराव की स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मंगलवार सुबह से ही डैम के गेट खोल दिए गए हैं और 25,696 क्यूसेक (घनफुट प्रति सेकंड) की दर से पानी छोड़ा जा रहा है। इससे मुठा नदी में बहाव तेज़ हो गया है, जिससे पुणे शहर और आसपास के क्षेत्रों में बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
📍 प्रभावित क्षेत्रों की चेतावनी
पुणे शहर, सिंहगढ़ रोड, अण्णा भाऊ साठे घाट, नालासोपारा, देहू रोड, कोथरूड, विश्रामबाग वाड़ा, राजाराम पुल, शिवने, वारजे, लोकारंजन टॉकीज क्षेत्र और नदी किनारे के अन्य इलाकों में अलर्ट जारी किया गया है।
इन इलाकों में रहने वाले नागरिकों को प्रशासन ने सावधान रहने को कहा है और नदी के आसपास नहीं जाने की अपील की गई है।
🏫 स्कूलों और प्रतिष्ठानों पर असर
नदी के पास स्थित कई स्कूलों और वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों को भी सतर्क किया गया है। आवश्यकता पड़ने पर निचले इलाकों को खाली कराने की योजना प्रशासन के पास तैयार है।
🚨 प्रशासन की तैयारी
पुणे नगर निगम (PMC), जिला आपदा प्रबंधन विभाग और पुलिस विभाग मिलकर स्थिति पर नजर रख रहे हैं।
NDRF (राष्ट्रीय आपदा मोचन बल) की एक टीम को स्टैंडबाय पर रखा गया है।
नागरिकों को वाट्सऐप और SMS अलर्ट के माध्यम से जानकारी दी जा रही है।
नदी किनारे बैरिकेडिंग और चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं।
📢 प्रशासन की अपील
नदी किनारे जाने से बचें
बच्चों को नदी के आसपास खेलने न दें
सावधानीपूर्वक वाहन चलाएं, खासकर पुलों और घाटों पर
कोई आपात स्थिति हो तो तुरंत पुलिस या आपदा विभाग से संपर्क करें


