रांची: झारखंड के गुमला जिले में हाथियों के हमले की घटनाओं के बीच सुरक्षा बढ़ाने के लिए पांच गांवों में निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है। यह कदम स्थानीय प्रशासन ने ग्रामीण इलाकों में लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया है।
एक अधिकारी ने शनिवार को बताया कि इन पांच गांवों में हाथियों के हमले की लगातार घटनाओं के कारण प्रशासन ने यह निर्णय लिया। अधिकारी ने कहा कि क्षेत्र में लगभग 18 हाथियों का एक झुंड घूम रहा है, जो अब तक कई घरों और खेतों में घुस चुका है। स्थानीय लोगों के लिए यह स्थिति बेहद जोखिमपूर्ण बन गई है।
प्रशासन ने गांववासियों से अपील की है कि वे रात के समय घरों से बाहर न निकलें और खेतों में अकेले जाने से बचें। इसके साथ ही, पुलिस और वन विभाग के अधिकारी लगातार गश्त कर रहे हैं ताकि किसी अप्रिय घटना को रोका जा सके। अधिकारियों का कहना है कि इस झुंड का जंगल से बाहर निकलना और गांवों में प्रवेश करना लगातार देखा जा रहा है, जिससे ग्रामीण भयभीत हैं।
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि हाथियों के झुंड को जंगल की ओर लौटाने और सुरक्षित मार्ग सुनिश्चित करने के लिए विशेष उपाय किए जा रहे हैं। इसके तहत, ध्वनि और रोशनी के उपकरणों का प्रयोग किया जा रहा है ताकि हाथियों को गांव से दूर रखा जा सके।
स्थानीय लोग हाथियों के हमलों से परेशान हैं, क्योंकि पिछले कुछ हफ्तों में उनके खेत और फसलें नुकसान झेल चुकी हैं। प्रशासन ने यह भी चेतावनी दी है कि किसी भी अप्रिय घटना के दौरान तत्काल वन विभाग और पुलिस को सूचित किया जाए।
विशेषज्ञों का कहना है कि हाथियों का गांवों में प्रवेश प्राकृतिक आवास में कमी और भोजन की तलाश के कारण हो रहा है। ग्रामीण इलाकों में लगातार हाथियों की उपस्थिति के कारण प्रशासन ने निषेधाज्ञा लागू करना आवश्यक समझा।
प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि अगले कुछ दिनों में स्थिति का पूरा आंकलन किया जाएगा और जरूरत पड़ने पर और भी सुरक्षा उपाय अपनाए जाएंगे। ग्रामीणों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने के लिए वन विभाग और पुलिस बल सतर्क हैं।




