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भारत-अमेरिका व्यापार समझौते से कपड़ा, चमड़ा क्षेत्र के शेयरों में उछाल

नयी दिल्ली, तीन फरवरी (भाषा)। भारत और अमेरिका के बीच बहुप्रतीक्षित व्यापार समझौते पर सहमति बनने के बाद मंगलवार को शेयर बाजार में कपड़ा और चमड़ा क्षेत्र से जुड़ी कंपनियों…

Feb 3, 2026
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भारत-अमेरिका व्यापार समझौते से कपड़ा, चमड़ा क्षेत्र के शेयरों में उछाल

Photo: The Media Times / Representative Image

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नयी दिल्ली, तीन फरवरी (भाषा)। भारत और अमेरिका के बीच बहुप्रतीक्षित व्यापार समझौते पर सहमति बनने के बाद मंगलवार को शेयर बाजार में कपड़ा और चमड़ा क्षेत्र से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में इन क्षेत्रों के कई शेयरों में 20 प्रतिशत तक का उछाल दर्ज किया गया, जिससे निवेशकों में उत्साह का माहौल रहा।

इस व्यापार समझौते के तहत अमेरिका ने भारतीय वस्तुओं पर लगाए जाने वाले जवाबी शुल्क को मौजूदा 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत करने का फैसला किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से भारतीय निर्यातकों को बड़ी राहत मिलेगी, खासकर कपड़ा और चमड़ा उद्योग को, जो लंबे समय से ऊंचे शुल्क और वैश्विक मांग में कमजोरी की वजह से दबाव में था।

शेयर बाजार में रेडीमेड गारमेंट्स, सूती वस्त्र, होम टेक्सटाइल और चमड़ा उत्पाद बनाने वाली कंपनियों के शेयरों में जोरदार खरीदारी देखने को मिली। कई मझोली और छोटी कंपनियों के शेयर अपर सर्किट तक पहुंच गए। निवेशकों को उम्मीद है कि शुल्क में कटौती से अमेरिका को होने वाला निर्यात बढ़ेगा, जिससे कंपनियों की आय और मुनाफे में सुधार होगा।

विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिका भारत के लिए कपड़ा और चमड़ा उत्पादों का एक प्रमुख बाजार है। शुल्क कम होने से भारतीय उत्पाद वहां अधिक प्रतिस्पर्धी बनेंगे और बांग्लादेश, वियतनाम तथा अन्य देशों से मिलने वाली कड़ी प्रतिस्पर्धा में भारत को बढ़त मिल सकती है। इससे न केवल निर्यात बढ़ेगा, बल्कि उद्योग में नए निवेश और रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।

उद्योग संगठनों ने इस समझौते का स्वागत किया है। उनका कहना है कि यह फैसला ऐसे समय में आया है जब वैश्विक अर्थव्यवस्था में अनिश्चितता बनी हुई है। कपड़ा और चमड़ा उद्योग श्रम-प्रधान क्षेत्र हैं और इनमें सुधार से लाखों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से फायदा होगा।

हालांकि कुछ विश्लेषकों ने यह भी कहा कि दीर्घकालिक लाभ इस बात पर निर्भर करेगा कि वैश्विक मांग किस तरह रहती है और कंपनियां अपनी उत्पादन क्षमता तथा गुणवत्ता को कैसे बढ़ाती हैं। इसके बावजूद, बाजार की तात्कालिक प्रतिक्रिया यह दर्शाती है कि निवेशक इस समझौते को भारतीय निर्यात क्षेत्र के लिए सकारात्मक संकेत मान रहे हैं।

कुल मिलाकर, भारत-अमेरिका व्यापार समझौते ने शेयर बाजार में नई ऊर्जा भर दी है और कपड़ा व चमड़ा क्षेत्र को एक बार फिर निवेशकों की पसंदीदा सूची में ला खड़ा किया है।

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