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महाराष्ट्र सरकार ने महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए ‘मुख्यमंत्री – माझी लड़की बहिन योजना’ की शुरुआत की थी।

द मीडिया टाइम्स डेस्क आज हम बात करेंगे महाराष्ट्र सरकार की एक महत्वपूर्ण योजना के बारे में, जिसका नाम है ‘मुख्यमंत्री – माझी लड़की बहिन योजना’। यह योजना महिलाओं के…

Dec 24, 2024
2 min read
महाराष्ट्र सरकार ने महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए ‘मुख्यमंत्री – माझी लड़की बहिन योजना’ की शुरुआत की थी।

Photo: The Media Times / Representative Image

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द मीडिया टाइम्स डेस्क

आज हम बात करेंगे महाराष्ट्र सरकार की एक महत्वपूर्ण योजना के बारे में, जिसका नाम है ‘मुख्यमंत्री – माझी लड़की बहिन योजना’। यह योजना महिलाओं के सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई है।

इस योजना के तहत, महाराष्ट्र सरकार हर महीने महिलाओं के बैंक खातों में 1500 रुपये भेजती है। यह राशि सीधे उनके खातों में ट्रांसफर की जाती है, जिसे हम ट्यरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर या DBT के नाम से जानते हैं।

जैसे ही विधानसभा चुनाव 2024 नजदीक आया, सरकार ने जुलाई महीने में इस योजना की पहली किस्त जारी की। तब से लेकर अब तक, हर महीने महिलाओं के खातों में यह राशि भेजी जा रही है। चुनाव प्रचार के दौरान, राज्य सरकार ने यह भी घोषणा की थी कि अगर उनकी सरकार दोबारा बनती है, तो वे इस राशि को बढ़ाकर 2100 रुपये कर देंगे।

माझी लड़की बहिन योजना’ के बारे में विस्तृत जानकारी साझा की है। इस योजना का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और उन्हें सीधे आर्थिक सहायता प्रदान करना है।

मुख्य बिंदु:

1. योजना का उद्देश्य:   – महाराष्ट्र की महिलाओं को हर महीने आर्थिक सहायता प्रदान करना। महिलाओं की आर्थिक स्थिति को सुधारने और उन्हें स्वावलंबी बनाने पर फोकस।

2. वर्तमान स्थिति:   – जुलाई 2024 में इस योजना की पहली किस्त जारी हुई।  वर्तमान में 1500 रुपये प्रति माह महिलाओं के खातों में भेजे जा रहे हैं। सरकार ने चुनाव के दौरान राशि को 2100 रुपये तक बढ़ाने का वादा किया था, जो बजट पेश होने के बाद लागू होने की उम्मीद है।

3. पात्रता: महाराष्ट्र के निवासी महिलाएं। आयु: 21-65 वर्ष। वार्षिक पारिवारिक आय 2.5 लाख रुपये से कम। विवाहित, विधवा, तलाकशुदा, अविवाहित, या जिनके पास कोई सपोर्ट नहीं है।

4. अयोग्यता: वार्षिक आय 2.5 लाख रुपये से अधिक। सरकारी या नियमित स्थायी नौकरी करने वालों के परिवार की महिलाएं। सांसद/विधायक के परिवार की महिलाएं। चार पहिया वाहन रखने वालों के परिवार की महिलाएं

यह योजना महिलाओं के जीवन को सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।हालांकि, सरकार तो बन गई, लेकिन अभी तक महिलाओं के खातों में 2100 रुपये नहीं आए हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकार अपने वादे को पूरा करती है या नहीं।

 

 

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