पटना। बिहार के लिए आज का दिन बेहद अहम माना जा रहा है। राज्य के वित्त मंत्री विजेंद्र यादव आज बिहार विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश करेंगे। इस बजट के जरिए सरकार “विकसित बिहार” के अपने विजन को आगे बढ़ाने की दिशा तय करेगी। बजट से आम जनता, किसान, युवा, महिला, व्यापारी और कर्मचारियों को कई उम्मीदें हैं।
सूत्रों के अनुसार, इस बजट में बुनियादी ढांचे के विकास पर खास जोर दिया जा सकता है। सड़क, पुल, बिजली, सिंचाई और शहरी सुविधाओं के विस्तार के लिए बड़े प्रावधान किए जाने की संभावना है। इसके साथ ही ग्रामीण इलाकों में विकास को गति देने के लिए पंचायत स्तर पर योजनाओं को मजबूत करने पर भी ध्यान दिया जा सकता है।
शिक्षा और स्वास्थ्य इस बजट के प्रमुख स्तंभ हो सकते हैं। सरकारी स्कूलों और कॉलेजों में आधारभूत सुविधाओं के सुधार, शिक्षकों की नियुक्ति और डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए अतिरिक्त राशि आवंटित किए जाने की उम्मीद है। वहीं, स्वास्थ्य क्षेत्र में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, जिला अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों को सशक्त बनाने के लिए बजट बढ़ाया जा सकता है।
रोजगार और उद्योग को लेकर भी इस बजट से बड़ी अपेक्षाएं हैं। राज्य में युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए कौशल विकास योजनाओं, स्टार्टअप्स और छोटे-मध्यम उद्योगों को प्रोत्साहन देने की घोषणा हो सकती है। निवेश आकर्षित करने के लिए नई औद्योगिक नीतियों और सब्सिडी योजनाओं पर भी जोर दिया जा सकता है।
कृषि क्षेत्र के लिए बजट में विशेष प्रावधान किए जाने की संभावना है। किसानों को सिंचाई सुविधा, उन्नत बीज, कृषि यंत्रों पर सब्सिडी और फसल बीमा योजनाओं को और प्रभावी बनाने के लिए धनराशि बढ़ाई जा सकती है। इसके अलावा पशुपालन और मत्स्य पालन को भी आय के वैकल्पिक स्रोत के रूप में बढ़ावा दिया जा सकता है।
महिला सशक्तिकरण और सामाजिक कल्याण योजनाएं भी बजट का अहम हिस्सा रह सकती हैं। स्वयं सहायता समूहों, छात्रवृत्ति योजनाओं और गरीब व वंचित वर्गों के लिए कल्याणकारी कार्यक्रमों को और मजबूत करने की उम्मीद जताई जा रही है।
कुल मिलाकर, वित्त मंत्री विजेंद्र यादव द्वारा पेश किया जाने वाला यह बजट न केवल आगामी वित्तीय वर्ष की दिशा तय करेगा, बल्कि “विकसित बिहार” के लक्ष्य को हासिल करने की नींव भी रखेगा। अब सभी की निगाहें विधानसभा में पेश होने वाले बजट और उसमें की जाने वाली घोषणाओं पर टिकी हैं।




