नयी दिल्ली: निर्दलीय सांसद और जन अधिकार पार्टी के प्रमुख राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने शुक्रवार को बयान दिया कि ‘इंडिया’ गठबंधन को आगामी बिहार विधानसभा चुनाव में बिना किसी मुख्यमंत्री चेहरे की घोषणा किए मैदान में उतरना चाहिए। उन्होंने कहा कि गठबंधन को एकजुट होकर जनता के मुद्दों पर फोकस करना चाहिए, न कि चेहरे की राजनीति में उलझना चाहिए।
पप्पू यादव ने विशेष रूप से राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव का नाम लेते हुए कहा कि भले ही वे एक लोकप्रिय नेता हैं, लेकिन पूरे गठबंधन की एकता और समन्वय को बनाए रखने के लिए किसी एक व्यक्ति को मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित करना उचित नहीं होगा। उन्होंने यह भी कहा कि बिहार की जनता को आज ज़रूरत है एक ऐसा विकल्प जो उनके मुद्दों—जैसे बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, शिक्षा और स्वास्थ्य—पर गंभीरता से काम करे।
उन्होंने सुझाव दिया कि चुनाव में गठबंधन को एक साझा न्यूनतम कार्यक्रम (Common Minimum Programme) के साथ जाना चाहिए, जो सभी दलों की सहमति से तैयार हो। पप्पू यादव ने चेताया कि अगर चेहरा घोषित करने को लेकर कोई विवाद या असहमति हुई, तो इसका लाभ भाजपा और एनडीए को मिल सकता है।
उन्होंने कहा, “बिहार की राजनीति अब चेहरों से नहीं, काम और नीयत से तय होगी। इंडिया गठबंधन को अपनी रणनीति इस सोच के आधार पर बनानी चाहिए।”
पप्पू यादव के इस बयान को राजनीतिक हलकों में गंभीरता से लिया जा रहा है, खासकर उस समय जब 2025 के विधानसभा चुनाव की तैयारियां तेज़ हो रही हैं।




