द मीडिया टाइम्स डेस्क
पटना, 22 मई : सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को क्रीमी लेयर आरक्षण पर गंभीर टिप्पणी की। पिछड़े वर्गों में क्रीमी लेयर को मिलने वाले आरक्षण लाभ से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने सवाल उठाया कि जिन परिवारों ने शिक्षा और आर्थिक रूप से प्रगति कर ली है, क्या उनके बच्चों को भी आरक्षण का लाभ मिलना चाहिए। न्यायमूर्ति बीवी नागरत्ना और न्यायमूर्ति उज्जल भुइयां की पीठ मामले की सुनवाई कर रही थी। सुनवाई के दौरान जस्टिस नागरत्ना ने कहा कि अगर दोनों माता-पिता आईएएस अधिकारी हैं तो फिर उनके बच्चों को आरक्षण क्यों मिलना चाहिए?




