पटना।बिहार में राजस्व सेवा संघ के कर्मियों की हड़ताल के कारण जमीन और राजस्व से जुड़े कार्यों के प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए राज्य सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने सभी जिलों को स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए कहा है कि हड़ताल के बावजूद आम जनता के काम किसी भी हालत में नहीं रुकने चाहिए। सरकार ने आदेश दिया है कि सभी अंचल कार्यालय खुले रहेंगे और पूर्व निर्धारित जनता दरबार भी नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे।
सरकार के निर्देशों के अनुसार जमीन से संबंधित महत्वपूर्ण कार्य जैसे दाखिल-खारिज, परिमार्जन, भूमि सर्वे, ऑनलाइन और ऑफलाइन आवेदन, साथ ही अन्य जरूरी राजस्व सेवाएं निर्बाध रूप से जारी रहेंगी। विभाग ने जिलाधिकारियों को यह सुनिश्चित करने को कहा है कि आम नागरिकों को किसी प्रकार की परेशानी न हो और समय पर उनकी समस्याओं का समाधान किया जाए।
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा जारी आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि हड़ताल के कारण जो भी अधिकारी या कर्मचारी ड्यूटी पर उपस्थित नहीं होंगे, उन पर “नो वर्क, नो पे” का नियम सख्ती से लागू किया जाएगा। अर्थात जो कर्मचारी कार्य पर नहीं आएंगे, उन्हें उस अवधि का वेतन नहीं दिया जाएगा। सरकार का मानना है कि इस निर्णय से कार्य व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने में मदद मिलेगी।
सरकार ने यह भी उल्लेख किया है कि वर्तमान में राज्य में विधानसभा सत्र चल रहा है और कई महत्वपूर्ण सरकारी योजनाएं क्रियान्वित की जा रही हैं। ऐसे समय में अंचल कार्यालयों का बंद रहना न केवल प्रशासनिक व्यवस्था को प्रभावित करेगा, बल्कि आम जनता को भी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। इसी कारण विभाग ने वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करने और अतिरिक्त अधिकारियों की तैनाती के निर्देश दिए हैं।
सरकार ने सभी जिलाधिकारियों, अपर समाहर्ताओं और अंचलाधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे स्थिति पर कड़ी नजर रखें और किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए। जरूरत पड़ने पर अन्य विभागों के अधिकारियों से सहयोग लेकर भी कामकाज जारी रखने को कहा गया है।
राज्य सरकार के इस फैसले से साफ संकेत मिलता है कि वह हड़ताल के दौरान भी जनहित से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता देना चाहती है और आम नागरिकों को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होने दी जाएगी।




