केरल पुलिस ने बाल यौन शोषण सामग्री और बच्चों से जुड़ी अन्य आपत्तिजनक सामग्री के ऑनलाइन प्रसार के खिलाफ कार्रवाई के तहत कई गिरफ्तारियों की सूचना दी है। पुलिस के मुताबिक, यह कार्रवाई डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ऐसी सामग्री से जुड़ी अवैध गतिविधियों पर नजर रखने और इसके प्रसार को रोकने के लिए की गई थी।
जांच के दौरान, पुलिस ने संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधियों और डिजिटल उपकरणों से संबंधित कई सुराग जुटाए। अधिकारियों ने कहा कि इसमें शामिल लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आपत्तिजनक सामग्री किस माध्यम से साझा या प्रसारित की जा रही थी और क्या इसके पीछे कोई संगठित नेटवर्क काम कर रहा था।
जांच एजेंसियां आरोपियों के इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच कर रही हैं। मोबाइल फोन, कंप्यूटर और अन्य डिजिटल उपकरणों से प्राप्त जानकारी जांच का हिस्सा बन सकती है। पुलिस तकनीकी सबूतों के आधार पर संदिग्ध गतिविधियों को जोड़ने का प्रयास कर रही है।
अधिकारियों के मुताबिक, बाल यौन शोषण सामग्री का ऑनलाइन प्रसार एक गंभीर अपराध है। ऐसी सामग्री को डाउनलोड करने, संग्रहीत करने, साझा करने या प्रसारित करने पर भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि अगर वे इंटरनेट या सोशल मीडिया पर ऐसी अवैध सामग्री देखते हैं तो उन्हें आगे न बढ़ाएं। इसके बजाय, उन्हें संबंधित अधिकारियों या निर्दिष्ट साइबर अपराध शिकायत चैनलों के माध्यम से इसकी रिपोर्ट करने की सलाह दी गई है।
जांच के दौरान, पुलिस आरोपियों और उनकी डिजिटल गतिविधियों के बीच संभावित संपर्कों का भी विश्लेषण कर रही है। जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की गिरफ्तारियों से इनकार नहीं किया गया है।
फिलहाल, गिरफ्तार किए गए लोगों से पूछताछ और डिजिटल सबूतों की जांच जारी है। पुलिस ने कहा कि बाल सुरक्षा से संबंधित मामलों में कानून के तहत आवश्यक कार्रवाई की जाएगी, जबकि ऑनलाइन शोषण और अवैध सामग्री के प्रसार पर निगरानी जारी रहेगी।



